खीरी: मैगलगंज टोल प्लाजा पर गुंडागर्दी, हादसे में मदद करने पहुंचे युवक पर हमला

Sat 07-Feb-2026,08:02 PM IST +05:30

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खीरी: मैगलगंज टोल प्लाजा पर गुंडागर्दी, हादसे में मदद करने पहुंचे युवक पर हमला Manglganj Toll Plaza
  • मैगलगंज टोल प्लाजा पर युवक पर हमला, गंभीर रूप से घायल.

  • हादसे में मदद करने गया था पीड़ित युवक मेराज.

  • टोल कर्मियों की दबंगई पर पुलिस कार्रवाई की मांग.

Uttar Pradesh / Lakhimpur :

Lakhimpur / खीरी जिले के मैगलगंज टोल प्लाजा पर सामने आई यह घटना न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि समाज और व्यवस्था—दोनों के लिए गंभीर चेतावनी भी है। सड़क हादसे में घायलों की मदद करने पहुँचे मेराज नामक युवक के साथ जो हुआ, उसने मानवता पर भरोसा रखने वालों को झकझोर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मेराज किसी निजी स्वार्थ से नहीं, बल्कि इंसानियत के नाते घायलों को सुरक्षित निकालने में जुटा था। इसी दौरान टोल प्लाजा कर्मियों ने अचानक उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि लोहे की रॉड से वार कर उसे बेरहमी से पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के वक्त मौजूद लोगों ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो टोल कर्मियों ने उन्हें भी धमकाया। कुछ देर के लिए टोल प्लाजा परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सवाल यह है कि मदद के लिए आगे आए एक आम नागरिक के साथ इस तरह की बर्बरता क्यों की गई? क्या टोल प्लाजा कर्मियों को यह अधिकार है कि वे कानून को हाथ में लें और इंसानियत दिखाने वालों को सजा दें?

स्थानीय लोगों का कहना है कि मैगलगंज टोल प्लाजा पर यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी टोल कर्मियों द्वारा मारपीट, बदसलूकी और दबंगई के आरोप लगते रहे हैं। हर बार या तो मामले को दबा दिया गया या फिर शिकायतें आगे बढ़ने से पहले ही ठंडे बस्ते में डाल दी गईं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन और पुलिस की निष्क्रियता ने टोल कर्मियों के हौसले इतने बुलंद कर दिए हैं कि वे खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं।

घायल युवक मेराज को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पक्ष ने दोषी टोल कर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर आज इस मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो कल कोई भी हादसे में मदद के लिए आगे आने से डरेगा। यह स्थिति समाज के लिए बेहद खतरनाक है, जहाँ लोग इंसानियत दिखाने से पहले अपनी सुरक्षा के बारे में सोचने को मजबूर हो जाएँ।

यह घटना कानून-व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। टोल प्लाजा जैसे सार्वजनिक और नियंत्रित स्थान पर यदि इस तरह की गुंडागर्दी हो सकती है, तो आम नागरिक खुद को कहाँ सुरक्षित समझे? अब निगाहें पुलिस और प्रशासन पर टिकी हैं। देखना यह है कि क्या निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दफन होकर रह जाएगा। प्रशासन को चाहिए कि तत्काल संज्ञान लेकर ऐसी कार्रवाई करे, जिससे भविष्य में कोई भी इंसानियत दिखाने से डरने पर मजबूर न हो।